भीतर के “मैं” का मिटना ज़रूरी है!

सुकरात समुन्द्र तट पर टहल रहे थे। उनकी नजर तट पर खड़े एक रोते बच्चे पर पड़ी। वो उसके पास गए और प्यार से बच्चे के सिर पर हाथ फेरकर पूछा, तुम क्यों रो रहे हो? लड़के  ने  कहा यह जो मेरे हाथ में प्याला है मैं उसमें इस  समुन्द्र को भरना चाहता हूँ पर … Continue reading भीतर के “मैं” का मिटना ज़रूरी है!

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 दो चीजों को कभी व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए – अन्न के कण को और आनंद के क्षण को

महाकवि कालिदास जी एक रास्ते से गुजर रहे थे। वँहा एक  पनिहारिन पानी भर रही थी । कालिदास ने कहा ....... *कालिदास बोले :-* माते पानी पिला दीजिए बङा पुण्य होगा. *स्त्री बोली :-* बेटा मैं तुम्हें जानती नहीं. अपना परिचय दो। मैं अवश्य पानी पिला दूंगी। *कालिदास ने कहा :-* मैं मेहमान हूँ, कृपया … Continue reading  दो चीजों को कभी व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए – अन्न के कण को और आनंद के क्षण को

आँसु एक सहज प्रार्थना है

तुम्हें अगर प्रभु का नाम सुनकर आँसु आते हैं, अगर तुम्हें उसके नाम को लेकर आँसु आते हैं तो जिन्दगी के यही पल सार्थक हैं, मंगलदायी हैं । ये पल प्रभु की कृपा हैं, ये पल उसकी करुणा का प्रसाद हैं । आँसुओं को रोकना मत, उनको बहने देना, उन आँसुओं में बहुत कुछ कूडा़ … Continue reading आँसु एक सहज प्रार्थना है

प्रकृति के तीन नियम

प्रकृति  का पहला  नियम यदि खेत में  बीज न डालें जाएं  तो कुदरत  उसे घास-फूस  से  भर देती हैं । ठीक  उसी  तरह से  दिमाग  में सकारात्मक  विचार  न भरे  जाएँ  तो नकारात्मक  विचार  अपनी  जगह  बना ही लेती है । प्रकृति  का दूसरा  नियम जिसके  पास  जो होता है  वह वही बांटता  है। सुखी "सुख  … Continue reading प्रकृति के तीन नियम

चार कीमती रत्न

*🌾चार कीमती रत्न भेज रहा हूँ..*🌹 *मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इससे जरूर धनवान होंगे..!🙌🌹* *🌾1.पहला रत्न है:-* " माफी "🙏 *तुम्हारे लिए कोई कुछ भी कहे, तुम उसकी बात को कभी अपने मन में न बिठाना, और ना ही उसके लिए कभी प्रतिकार की भावना मन में रखना, बल्कि उसे माफ़ कर देना।*🙌🌹 *🌾2.दूसरा … Continue reading चार कीमती रत्न

अच्छे दिनों मे अहंकार न करो और खराब समय में थोड़ा सब्र करो

एक फकीर बहुत दिनों तक बादशाह के साथ रहा बादशाह का बहुत प्रेम उस फकीर पर हो गया। प्रेम भी इतना कि बादशाह रात को भी उसे अपने कमरे में सुलाता। कोई भी काम होता, दोनों साथ-साथ ही करते। एक दिन दोनों शिकार खेलने गए और रास्ता भटक गए। भूखे-प्यासे एक पेड़ के नीचे पहुंचे। पेड़ पर एक ही फल लगा था। बादशाह … Continue reading अच्छे दिनों मे अहंकार न करो और खराब समय में थोड़ा सब्र करो

परिवार है तो जीवन मे हर खुशी, खुशी लगती है

एक पार्क मे दो बुजुर्ग बैठे बातें कर रहे थे.... पहला :- मेरी एक पोती है, शादी के लायक है... BE किया है, नौकरी करती है, कद - 5"2 इंच है.. सुंदर है कोई लडका नजर मे हो तो बताइएगा.. दूसरा :- आपकी पोती को किस तरह का परिवार चाहिए...?? पहला :- कुछ खास नही.. … Continue reading परिवार है तो जीवन मे हर खुशी, खुशी लगती है

संतोष में ही शान्ति व सुख निहित है

एक नगर का सेठ अपार धन सम्पदा का स्वामी था। एक दिन उसे अपनी सम्पत्ति के मूल्य निर्धारण की इच्छा हुई। उसने तत्काल अपने लेखा अधिकारी को बुलाया और आदेश दिया कि मेरी सम्पूर्ण सम्पत्ति का मूल्य निर्धारण कर ब्यौरा दीजिए, पता तो चले मेरे पास कुल कितनी सम्पदा है। सप्ताह भर बाद लेखाधिकारी ब्यौरा … Continue reading संतोष में ही शान्ति व सुख निहित है

आज मैंने परमात्मा के सांथ बैठ क्ऱ रोटी खाई

*विश्वास की शक्ति* *एक 6 साल का छोटा सा बच्चा अक्सर परमात्मा से मिलने की जिद किया करता था। उसे परमात्मा के बारे में कुछ भी पता नही था पर मिलने की तमन्ना, भरपूर थी।उसकी चाहत थी की एक समय की रोटी वो परमात्मा के सांथ खाये।* *1 दिन उसने 1 थैले में 5 ,6 … Continue reading आज मैंने परमात्मा के सांथ बैठ क्ऱ रोटी खाई

सेठजी के एक घर एक पिंजरे में तोता पाला हुआ था

एक समय की बात हैं, एक सेठ और सेठानी रोज सत्संग में जाते थे। सेठजी के एक घर एक पिंजरे में तोता पाला हुआ था। तोता रोज सेठ-सेठानी को बाहर जाते देख एक दिन पूछता हैं कि सेठजी आप रोज कहाँ जाते है। सेठजी बोले कि भाई सत्संग में ज्ञान सुनने जाते है। तोता कहता … Continue reading सेठजी के एक घर एक पिंजरे में तोता पाला हुआ था

बेटे की आधी रोटी का फर्ज…

पत्नी बार बार मां पर इल्जाम लगाए जा रही थी...... और पति बार बार उसको अपनी हद में रहने की कह रहा था लेकिन पत्नी चुप होने का नाम ही नही ले रही थी व् जोर जोर से चीख चीखकर कह रही थी कि "उसने अंगूठी टेबल पर ही रखी थी और तुम्हारेऔर मेरे अलावा … Continue reading बेटे की आधी रोटी का फर्ज…

कर्म भोग – सन्तान के रुप में कौन आता है ?

*🌸 कर्म भोग 🌸* ★  पूर्व जन्मों के कर्मों से ही हमें इस जन्म में माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नि, प्रेमी-प्रेमिका, मित्र-शत्रु, सगे-सम्बन्धी इत्यादि संसार के जितने भी रिश्ते नाते हैं, सब मिलते हैं । क्योंकि इन सबको हमें या तो कुछ देना होता है या इनसे कुछ लेना होता है । ★    *सन्तान के रुप … Continue reading कर्म भोग – सन्तान के रुप में कौन आता है ?

सदा मुस्कुराते रहिये

   *"सदा मुस्कुराते रहिये"* एक घर के पास काफी दिन से एक बड़ी इमारत का काम चल रहा था। वहां रोज मजदूरों के छोटे-छोटे बच्चे एक दूसरे की शर्ट पकडकर रेल-रेल का खेल खेलते थे। *रोज कोई बच्चा इंजिन बनता और बाकी बच्चे डिब्बे बनते थे...* *इंजिन और डिब्बे वाले बच्चे रोज बदल  जाते,* पर... … Continue reading सदा मुस्कुराते रहिये

ये ‘सफल जीवन’ क्या होता है ?

👦एक बेटे ने पिता से पूछा- पापा.. ये 'सफल जीवन' क्या होता है ??🤔🤔🤔 👴पिता, बेटे को पतंग🔶🔷 उड़ाने ले गए। बेटा पिता को ध्यान से पतंग उड़ाते देख रहा था...🤔 थोड़ी देर बाद बेटा बोला- पापा.. 😌ये धागे की वजह से पतंग और ऊपर नहीं जा पा रही है, क्या हम इसे तोड़ दें … Continue reading ये ‘सफल जीवन’ क्या होता है ?

काम को खेल की तरह खेलो और उसका मजा लो

काम को खेल की तरह खेलो और  उसका मजा लो. जो भी काम करो उसमे अपना प्रेम उडेल दो,अपना होश उसमें जोड दो. बस पैसे के लिए काम मत करो। अपने आनंद और प्रेम के लिए काम करो। यदि पूरे ध्यान से काम करो तो किसी अौर ध्यान की जरूरत नहीं, तुम्हारा काम ही ध्यान … Continue reading काम को खेल की तरह खेलो और उसका मजा लो

समय की ताकत

"समय की ताकत" - वर्तमान समय जिस प्रकार से सारी दुनिया का परिवर्तन हो रहा, समय किस प्रकार सबको शिक्षा दे रहा हैं ❓❓ ----------------------------------------------- आज हम संसार की हालत चारो ओर रोज देखते है कितना दु:ख अशान्ति, तनाव, बीमारियाँ बढ़ती जा रही हैं, सभी दु:खी है कोई सुखी नही है पापाचार, दुराचार, अत्याचार, व्यसन, नशाखोरी,फैशन … Continue reading समय की ताकत

एक किसान की मन की बात

*एक किसान की मन की बात*:- 😞😞😞😞😞😞😞😞😞  कहते हैं.. इन्सान सपना देखता है तो वो ज़रूर पूरा होता है. मगर किसान के सपने कभी पूरे नहीं होते। बड़े अरमान और कड़ी मेहनत से फसल तैयार करता है, और जब तैयार हुई फसल को बेचने मंडी जाता है। बड़ा खुश होते हुए जाता है...बच्चों से कहता … Continue reading एक किसान की मन की बात

गुरु से गुरु की ही मांग कीजिये

दुनिया के राज्य का मोल।  गुरु से गुरु की ही मांग कीजिये  , कियुंकी जब वह  आपको  यह बख्शिश कर देते है  तो फिर उनके साथ ही  सारी चीजे मिल जाती है ।  महराज सावन सिंह जी । इब्राहिम अधम ने कुछ वर्ष अपने सतगुरु कबीर साहिब के चरणों में रह कर  सेवा की और फिर उनका आशीर्वाद … Continue reading गुरु से गुरु की ही मांग कीजिये

सुखी रहने का तरीका

*सुखी रहने का तरीका* *एक बार की बात है एक संत अपने आश्रम में बैठे हुए थे। तभी उनका एक शिष्य, जो स्वाभाव से थोड़ा क्रोधी था उनके समक्ष आया और बोला- गुरूजी, आप कैसे अपना व्यवहार इतना मधुर बनाये रहते हैं, ना आप किसी पे क्रोध करते हैं और ना ही किसी को कुछ भला-बुरा … Continue reading सुखी रहने का तरीका

असली 5 रत्न वोह हैं जो हमें हमारे मानव जीवन की वास्तविक मंजिल की तरफ ले जाते हैं

*असली 5 रत्न वोह हैं जो हमें हमारे मानव जीवन की वास्तविक मंजिल की तरफ ले जाते हैं* *तुलसी या संसार में, पांच रत्न हैं सार।* *साध संगत , सतगुरु शरण , दया , दीन , उपकार।।* *पूज्य तुलसी साहिब जी कहते हैं यूँ तो इस संसार में बड़े (बहुत सारे, भरमार) रत्न हैं , … Continue reading असली 5 रत्न वोह हैं जो हमें हमारे मानव जीवन की वास्तविक मंजिल की तरफ ले जाते हैं