यह कहानी आज जीवन की हकीकत बन चुकी है

🐿एक गिलहरी रोज अपने काम पर समय से आती थी और अपना काम पूरी मेहनत और ईमानदारी से करती थी❗ गिलहरी जरुरत से ज्यादा काम कर के भी खूब खुश थी❗क्यों कि उसके मालिक, जंगल के राजा शेर ने उसे दस बोरी अखरोट देने का वादा कर रखा था❗ गिलहरी काम करते करते थक जाती … Continue reading यह कहानी आज जीवन की हकीकत बन चुकी है

आज रात तेरे सबसे अच्छे दोस्त की परीक्षा लेते है

एक बेटे के अनेक मित्र थे जिसका उसे बहुत घमंड था। पिता का एक ही मित्र था लेकिन था सच्चा। एक दिन पिता ने बेटे को बोला कि तेरे बहुत सारे दोस्त है उनमें से आज रात तेरे सबसे अच्छे दोस्त की परीक्षा लेते है। बेटा सहर्ष तैयार हो गया। रात को 2 बजे दोनों बेटे के … Continue reading आज रात तेरे सबसे अच्छे दोस्त की परीक्षा लेते है

इंसान दूसरो को वही दे पाता है

*अभिमान तब आता है , जब हमे लगता है हमने कुछ काम किया है* *और* *सम्मान तब मिलता है जब दुनिया को लगता है, कि आप ने कुछ महत्वपूर्ण काम किया है*   *जो दूसरों को इज़्ज़त देता है , असल में वो खुद इज़्ज़तदार होता है*   *क्योकि* *इंसान दूसरो को वही दे पाता है … Continue reading इंसान दूसरो को वही दे पाता है

किसी की बुराई मत करो

हमारे घर के अंदर अगर मकड़ी का जाला लग जाता है तो हम उसे झाड़ू से साफ करते है। वह जाला झाड़ू पर चिपक जाता है और हमारे घर की साफ सफाई हो जाती है। ठीक इसी तरह हम किसी की बुराई करते हैं या निंदा करते हैं तो समझो हम झाड़ू का काम कर … Continue reading किसी की बुराई मत करो

पढने के बाद चिल्लाना अवश्य भूल जाओगे

गुस्से में चिल्लाना क्यों होता है ? एक बार एक संत अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। अचानक उन्होंने सभी शिष्यों से एक सवाल पूछा। बताओ जब दो लोग एक दूसरे पर गुस्सा करते हैं तो जोर-जोर से चिल्लाते क्यों हैं ? शिष्यों ने कुछ देर सोचा और एक ने उत्तर दिया : हम अपनी … Continue reading पढने के बाद चिल्लाना अवश्य भूल जाओगे

गुरु और भगवान में एक अंतर है

एक आदमी के घर भगवान और गुरु दोनो पहुंच गये। वह बाहर आया और चरणों में गिरने लगा। वह भगवान के चरणों में गिरा तो भगवान बोले- रुको रुको पहले गुरु के चरणों में जाओ। वह दौड़ कर गुरु के चरणों में गया। गुरु बोले- मैं भगवान को लाया हूँ, पहले भगवान के चरणों में जाओ। वह … Continue reading गुरु और भगवान में एक अंतर है

जिसको ये पांच चीजें मिल गईं

एक बार हकीम लुकमान से उसके बेटे ने पूछा, 'अगर मालिक ने फरमाया कि कोई चीज मांग, तो मैं क्या मांगूं?' लुकमान ने कहा, 'परमार्थ का धन।' बेटे ने फिर पूछा, 'अगर इसके अलावा दूसरी चीज मांगने को कहे तो?' लुकमान ने कहा, 'पसीने की कमाई मांगना।' उसने फिर पूछा, 'तीसरी चीज?' जवाब मिला, 'उदारता। … Continue reading जिसको ये पांच चीजें मिल गईं

Meditation क्यों करना चाहिए ?

Meditation  में क्या ताकत है? साधना का क्या महत्व है....? जब 100 लोग एक साथ साधना करते है तो उत्पन्न लहरें 5 कि.मी.तक फैलती है और नकारात्मकता नष्ट कर सकारात्मकता का निर्माण करती है। आईस्टांईन नें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कहा था के एक अणु के विधटन से लगत के अणु का विधटन होता है,इसी को हम अणु विस्फोट कहते … Continue reading Meditation क्यों करना चाहिए ?

भीतर के “मैं” का मिटना ज़रूरी है!

सुकरात समुन्द्र तट पर टहल रहे थे। उनकी नजर तट पर खड़े एक रोते बच्चे पर पड़ी। वो उसके पास गए और प्यार से बच्चे के सिर पर हाथ फेरकर पूछा, तुम क्यों रो रहे हो? लड़के  ने  कहा यह जो मेरे हाथ में प्याला है मैं उसमें इस  समुन्द्र को भरना चाहता हूँ पर … Continue reading भीतर के “मैं” का मिटना ज़रूरी है!

 दो चीजों को कभी व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए – अन्न के कण को और आनंद के क्षण को

महाकवि कालिदास जी एक रास्ते से गुजर रहे थे। वँहा एक  पनिहारिन पानी भर रही थी । कालिदास ने कहा ....... *कालिदास बोले :-* माते पानी पिला दीजिए बङा पुण्य होगा. *स्त्री बोली :-* बेटा मैं तुम्हें जानती नहीं. अपना परिचय दो। मैं अवश्य पानी पिला दूंगी। *कालिदास ने कहा :-* मैं मेहमान हूँ, कृपया … Continue reading  दो चीजों को कभी व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए – अन्न के कण को और आनंद के क्षण को

आँसु एक सहज प्रार्थना है

तुम्हें अगर प्रभु का नाम सुनकर आँसु आते हैं, अगर तुम्हें उसके नाम को लेकर आँसु आते हैं तो जिन्दगी के यही पल सार्थक हैं, मंगलदायी हैं । ये पल प्रभु की कृपा हैं, ये पल उसकी करुणा का प्रसाद हैं । आँसुओं को रोकना मत, उनको बहने देना, उन आँसुओं में बहुत कुछ कूडा़ … Continue reading आँसु एक सहज प्रार्थना है

प्रकृति के तीन नियम

प्रकृति  का पहला  नियम यदि खेत में  बीज न डालें जाएं  तो कुदरत  उसे घास-फूस  से  भर देती हैं । ठीक  उसी  तरह से  दिमाग  में सकारात्मक  विचार  न भरे  जाएँ  तो नकारात्मक  विचार  अपनी  जगह  बना ही लेती है । प्रकृति  का दूसरा  नियम जिसके  पास  जो होता है  वह वही बांटता  है। सुखी "सुख  … Continue reading प्रकृति के तीन नियम

चार कीमती रत्न

*🌾चार कीमती रत्न भेज रहा हूँ..*🌹 *मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इससे जरूर धनवान होंगे..!🙌🌹* *🌾1.पहला रत्न है:-* " माफी "🙏 *तुम्हारे लिए कोई कुछ भी कहे, तुम उसकी बात को कभी अपने मन में न बिठाना, और ना ही उसके लिए कभी प्रतिकार की भावना मन में रखना, बल्कि उसे माफ़ कर देना।*🙌🌹 *🌾2.दूसरा … Continue reading चार कीमती रत्न

अच्छे दिनों मे अहंकार न करो और खराब समय में थोड़ा सब्र करो

एक फकीर बहुत दिनों तक बादशाह के साथ रहा बादशाह का बहुत प्रेम उस फकीर पर हो गया। प्रेम भी इतना कि बादशाह रात को भी उसे अपने कमरे में सुलाता। कोई भी काम होता, दोनों साथ-साथ ही करते। एक दिन दोनों शिकार खेलने गए और रास्ता भटक गए। भूखे-प्यासे एक पेड़ के नीचे पहुंचे। पेड़ पर एक ही फल लगा था। बादशाह … Continue reading अच्छे दिनों मे अहंकार न करो और खराब समय में थोड़ा सब्र करो

परिवार है तो जीवन मे हर खुशी, खुशी लगती है

एक पार्क मे दो बुजुर्ग बैठे बातें कर रहे थे.... पहला :- मेरी एक पोती है, शादी के लायक है... BE किया है, नौकरी करती है, कद - 5"2 इंच है.. सुंदर है कोई लडका नजर मे हो तो बताइएगा.. दूसरा :- आपकी पोती को किस तरह का परिवार चाहिए...?? पहला :- कुछ खास नही.. … Continue reading परिवार है तो जीवन मे हर खुशी, खुशी लगती है

संतोष में ही शान्ति व सुख निहित है

एक नगर का सेठ अपार धन सम्पदा का स्वामी था। एक दिन उसे अपनी सम्पत्ति के मूल्य निर्धारण की इच्छा हुई। उसने तत्काल अपने लेखा अधिकारी को बुलाया और आदेश दिया कि मेरी सम्पूर्ण सम्पत्ति का मूल्य निर्धारण कर ब्यौरा दीजिए, पता तो चले मेरे पास कुल कितनी सम्पदा है। सप्ताह भर बाद लेखाधिकारी ब्यौरा … Continue reading संतोष में ही शान्ति व सुख निहित है

आज मैंने परमात्मा के सांथ बैठ क्ऱ रोटी खाई

*विश्वास की शक्ति* *एक 6 साल का छोटा सा बच्चा अक्सर परमात्मा से मिलने की जिद किया करता था। उसे परमात्मा के बारे में कुछ भी पता नही था पर मिलने की तमन्ना, भरपूर थी।उसकी चाहत थी की एक समय की रोटी वो परमात्मा के सांथ खाये।* *1 दिन उसने 1 थैले में 5 ,6 … Continue reading आज मैंने परमात्मा के सांथ बैठ क्ऱ रोटी खाई

सेठजी के एक घर एक पिंजरे में तोता पाला हुआ था

एक समय की बात हैं, एक सेठ और सेठानी रोज सत्संग में जाते थे। सेठजी के एक घर एक पिंजरे में तोता पाला हुआ था। तोता रोज सेठ-सेठानी को बाहर जाते देख एक दिन पूछता हैं कि सेठजी आप रोज कहाँ जाते है। सेठजी बोले कि भाई सत्संग में ज्ञान सुनने जाते है। तोता कहता … Continue reading सेठजी के एक घर एक पिंजरे में तोता पाला हुआ था

बेटे की आधी रोटी का फर्ज…

पत्नी बार बार मां पर इल्जाम लगाए जा रही थी...... और पति बार बार उसको अपनी हद में रहने की कह रहा था लेकिन पत्नी चुप होने का नाम ही नही ले रही थी व् जोर जोर से चीख चीखकर कह रही थी कि "उसने अंगूठी टेबल पर ही रखी थी और तुम्हारेऔर मेरे अलावा … Continue reading बेटे की आधी रोटी का फर्ज…

कर्म भोग – सन्तान के रुप में कौन आता है ?

*🌸 कर्म भोग 🌸* ★  पूर्व जन्मों के कर्मों से ही हमें इस जन्म में माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नि, प्रेमी-प्रेमिका, मित्र-शत्रु, सगे-सम्बन्धी इत्यादि संसार के जितने भी रिश्ते नाते हैं, सब मिलते हैं । क्योंकि इन सबको हमें या तो कुछ देना होता है या इनसे कुछ लेना होता है । ★    *सन्तान के रुप … Continue reading कर्म भोग – सन्तान के रुप में कौन आता है ?